31.10.2015 ►Acharya Shri Vishudha Sagar ji ►News

Posted: 31.10.2015
Updated on: 18.11.2015

News in Hindi

विशुद्ध वाणी📖🔈
🙏🙏''पुरुषार्थ देशना''🙏🙏
31//10//15
🌴🌴🌴🌴🌹🌴🌴🌴🌴
"कल्याण हेतु क्रमिक देशना "
(गाथा नंबर 17,18,19)
भो ज्ञानी!!
एक पिंजड़े में दो पक्षी कैसे पलेगे? पिंजड़े में दो पक्षी पलेगे नहीं लड़ेंगे।
निज कार्य के वश से कुछ कहते है, फिर उसको भूल जाते है क्योकि उनके पास सयंम का पक्षी वैठा है।
यदि असयंम को पालोगे तो बेचारा सयंम पलेगा ही नहीं, इस लिए योगी वैभव से रहित होते है।
इस जीव ने योग के भेष को अनन्त बार देखा है, पर योग स्वभाव को नहीं देखा, क्योकि योगी स्वाभाव बाह्य चक्षु से नहीं देखा जाता है।
🌺।।जिन शासन जयवंत हो।।🌺
🌺।। नमोस्तु शासन जयवंत हो।।🌺
✊✊ नमोस्तु शासन संघ ✊✊

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