10.05.2014 ►Sivani Mandi ►Mantri Muni Sumermal Inspired People to Follow Path of Truth

Posted: 11.05.2014
Updated on: 21.07.2015

ShortNews in English

Sivani Mandi: 10.05.2014

Mantri Muni Sumermal Inspired People to Follow Path of Truth.

News in Hindi

सिवानी मंडी में मंत्री मुनि श्री सुमेरमलजी का स्वागत किया

सिवानी मंडी जैन तेरापंथ समुदाय की ओर से राजस्थान से हरियाणा में पहुंचने पर मंत्री मुनि सुमेरमल का स्थानीय सभा ने स्वागत किया। जैन समुदाय के लोग स्वागत करने के लिए प्रदेश की सीमा पर पहुंचे और उनका स्वागत किया। सभा की ओर से स्थानीय तेरापंथ भवन में पहुंचने पर रतन लाल जैन ने अपने विचारों से व सरिता जैन ने एक गीत के माध्यम से मंत्री मुनि का स्वागत किया। इस दौरान बोलते मंत्री मुनि श्री सुमेरमलजी ने कहा कि हमें सत्य की राह पर चलना चाहिए। सच्चाई की राह पर चलने वाले इंसान की कभी हार नहीं होती। एक झूठ के लिए हमें सौ झूठ बोलने पड़ते हैं जबकि सच्चाई हमेशा जीवित रहती है। मुनि ने कहा कि मोह माया के जाल से दूर रहेंगे तो मन भी निर्मल रहेगा और भाईचारे की भावना बनी रहेगी। अहिंसा ही इंसान का धर्म होना चाहिए हिंसा से कभी मंजिल हासिल नहीं की जा सकती।
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अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण द्वारा 23 मई 2010 को गद्दी ग्रहण करने के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को आदमपुर में पाटोत्सव समारोह आयोजित किया गया। आदमपुर की जन्मोत्सव व पाटोत्सव व्यवस्था समिति की ओर से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र व मुनि महावीर की आचार्य स्तुति के साथ हुआ। कार्यक्रम में साधु व साध्वियों के समूह, आदमपुर जैन तेरापंथी सभा, युवक परिषद व महिला मंडल की ओर से मंगल गीत गाकर आचार्य श्री को बधाई दी गई। बाल भारती स्कूल की छात्राओं ने 'बहारों फूल बरसाओ मेहमां आ गए' स्वागत गीत गाकर आचार्य का अभिनंदन किया। समणी संबोध प्रज्ञा व गुरु प्रज्ञा ने 'ज्योतिचरण को पुकारे, प्रभुवर पाटोत्सव है तुम्हारा' सुंदर गीत पेश किया।

आचार्य श्री महाश्रमणजी का पाटोत्सव मनाया
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साध्वी प्रमुखा श्री कनकप्रभाजी ने पाटोत्सव पर्व की बधाई देते हुए कहा कि आचार्य श्री महाश्रमणजी के व्यक्तित्व को शब्दों में बयान करना सूरज को दीपक दिखाने के समान है। आचार्य श्री में करुणा की प्रगाढ़ भावना बताते हुए उन्होंने कहा कि आचार्य श्री महाश्रमणजी का एकमात्र लक्ष्य श्रद्धालुओं का परोपकार है और वे इसी लक्ष्य की पूर्ति हेतू साधना तपस्या कर श्रावक- श्राविकाओं को अपना ज्यादा से ज्यादा समय देते है। उन्होंने कहा कि जिस तरह चुंबक को देखकर लोहा आकर्षित होता है उसी तरह आचार्य श्री महाश्रमणजी के व्यक्तित्व से लोग प्रभावित है। कार्यक्रम में मंच संचालन मुनि श्री दिनेश कुमार जी ने किया

वहीं प्रांतीय अध्यक्ष श्री घीसाराम जैन, श्री पदम जैन, श्री प्रमोद जैन, श्री संजय जैन, श्री सुरेंद्र जैन, श्री सुभाष गोयल ऐलनाबाद व श्रीं राकेश शर्मा ने आचार्य श्री महाश्रमण जी को पाटोत्सव की बधाई देते हुए उन्हें अपनी मंगल भावनाएं भेंट की।
आचार्य प्रतिभा के धनी: साध्वी प्रमुखा श्री कनकप्रभाजी
आदमपुर के कन्या विद्यालय में उपस्थित महिला श्रद्धालु।
आचार्य महाश्रमण बाल मुनि प्रिंस कुमार के साथ।

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