04.02.2012 ►Rourkela ►Sadhvi Kundan Rekha

Posted: 04.02.2012
Updated on: 21.07.2015

ShortNews in English:

Rourkela: 04.02.2012

Discipline of Terapanth Dharam Sangh is Unique: Sadhvi Kundan Rekha

News in Hindi

राउरकेला: संजय मेहता

तेरापंथ धर्म संघ का 148वां मर्यादा महोत्सव साध्वी कुंदनरेखा के सानिध्य में तेरापंथ सभा राउरकेला की ओर से मनाया गया। सैकड़ों की संख्या में जैन धर्मावलंबियों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में साध्वी कुंदनरेखा ने कहा कि तेरापंथ धर्म संघ का अनुशासन बेजोड़ है। एक गुरु के आदेशानुसार साधक सधे कदमों में लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। व्यवस्था से सुसज्जित इस धर्म संघ में आत्मा की पूजा प्रति पल की जाती है। गलतियों का प्रायश्चित कर शुद्ध चेतना में निवास करना इस धर्म संघ की नीति है। तेरापंथ धर्म संघ के प्रथम प्रणेता आचार्य भिक्षु ने ऐसी मर्यादाओं का सूत्रपात किया जो तेरापंथ धर्म संघ के कणकण को आलोकित कर रही है। आत्म साधकों का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। इस धर्म संघी की विचारधारा मानव मात्र के हित में प्रवाहित होती है। पूरे विश्व का पथ प्रदर्शक तेरापंथ धर्म संघ एक गुरु के इंगित पर वर्तमान समस्या को समाहित करने के लिए संकल्पबद्ध है। अनुव्रत, प्रेक्षाध्यान और जीवन विज्ञान जैसे सामाजिक अभियान समाज की दिशा और दशा को बदलने के लिए कटिबद्ध है। ज्ञान शालाओं एवं व्रत चेतना की संयोजना अच्छे राष्ट्र के निर्माण के ही उपक्रम हैं। साध्वी ने इस पर अवसर पर अमृत महोत्सव पर आने गुरु की दीर्घायु की कामना करते हुए आचार्य प्रवर के इंगित पर चल रहे दृढ़ संकल्प भी किया और अपने भाग्य की सराहना भी की। इस मौके पर साध्वी सौभाग्य यशा व साध्वी कल्याण यशा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में उड़ीसा प्रांत तेरापंथ अध्यक्ष सुरेश जैन ने मर्यादा उत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला। उपाध्यक्ष क्षेत्रपालजी, महामंत्री विनोद जैन, टिटलागढ़ सभा अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन केसिंगा के अध्यक्ष भरत जैन उपस्थित थे। कार्यक्रम में बतौर अतिथि नगरपाल रश्मिबाला मिश्र, श्यामसुंदर मित्तल, तेरापंथ कन्या मंडल, तेरापंथ युवा मंडल, तेरापंथ महिला मंडल के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मांगीलाल बोथरा ने किया। कार्यक्रम का संचालन तरुलता वैद्य ने की। इस मौके पर सभी अतिथि सम्मानित किये गये।

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