03.01.2012 ►Terapanth News 1

Posted: 03.01.2012
Updated on: 02.07.2015

ShortNews in English:

Lava Sardargarh: 03.01.2012

Kavi Sammelan Held in Presence of Muni Sumermal (Sudarshan), Muni Suresh Kumar and Muni Tatva Ruchi

News in Hindi

जो किस्मत से ना हो वो रिश्वत से हो जाता है: मुनि तत्वरुचि

लावासरदारगढ़ के तेरापंथ भवन में रविवार रात को काव्य संध्या में मुनि वृंदों ने सुनाई विभिन्न रचनाओं

लावासरदारगढ़ ३ जनवरी २०१२ जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो

तेरापंथ भवन में रविवार रात को शासन मुनि सुमेरमल सुदर्शन एवं मुनि सुरेश कुमार हरनावां के सानिध्य में आयोजित काव्य संध्या में मुनि वृंदों ने रचनाओं की प्रस्तुतियां दी।

मुनि तत्वरुचि तरुण ने काव्य पाठ करते हुए देश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर कटाक्ष करते हुए ‘ये भारत देश है हर काम हिम्मत से होता है, जो किस्मत से ना हो वो रिश्वत से हो जाता है...’ रचना सुनाई। मुनि तन्मय कुमार ने मायड़ भाषा में ‘पराई पोशाक स्यंू घर को लीरो चोखो, बीदाम री कतल्यां स्यूं गुड़ को जीरो चोखो...’ सुनाई। इस रचना ने श्रोताओं को खूब हंसाया। जनसंपर्क प्रभारी मुनि जयंत कुमार ने काव्य शैली में मंच संचालन करते हुए ‘अय्याशी का जीवन जीने वाले ओ नेताओं, जनता से भी पूछो उन पर क्या गुजरी है...’ और ‘दफ्तर के सब अफसर अपने धंधे में सच्चे होते हैं, अब थोड़े ही मिलते हैं जो रिश्वत खाने में कच्चे होते हैं...’ सुनाई।

मुनि संबोध कुमार ने ‘सियासत से खेल तक, बस से रेल तक, पिज्जा से भेल तक, हर महकमा भ्रष्टाचार के शिकंजे में गिरफ्तार है, जी हां ये मेरे भारत की सरकार है...’ सुनाई। मुनि अनुशासन कुमार की ‘बहनों और भाईयों, दर्जी और नाइयों...’ काव्य रचना पर देर तक हंसी के फव्वारे छूटते रहे।

वहीं मेवाड़ तेरापंथ कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. बसंतीलाल बाबेल ने किस्से सुनाकर श्रोताओं को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। काव्य संध्या में करणलाल चीपड़, हस्तीमल कच्छारा, शांता जैन, जीनल बाबेल, शीतल चौधरी, सीमा बाबेल, आंचल हिंगड़, लीला चीपड़, कुंदनमल कुंदन, प्रिया चीपड़, नीतू लोढ़ा, लता बापना ने भी अपनी रचनाएं पेश की।

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