15.07.2011 ►Relmagra | Shishoda | Bidasar | Chhapar ►News

Posted: 15.07.2011
Updated on: 21.07.2015

News in Hindi & English captions:

Relmagra ►Terapanth Never Gave Value to Ego◄ Sadhvi Shanta Kumari

तेरापंथ ने अहंकार को कभी अपने पास नहीं आने दिया: शांता कुमारी

Jain Terapnth Newsरेलमगरा 15 जुलाई तेरापंथ न्यूज ब्योरो कार्यालय संवाददाता
अहंकार और भमकार के विसर्जन का प्रतीक तेरापंथ धर्मसंघ आज सबके लिए आदर्श बना हुआ है। यह शब्द साध्वी शांता कुमारी ने चातुर्मासिक चौदस के दिन रेलमगरा के तेरापंथ भवन में कही। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि तेरापंथ ने अहंकार को कभी अपने पास फटकने तक नहीं दिया। 

साध्वी चंद्रावती ने चातुर्मास में तपस्या करने की प्रेरणा दी। साध्वी ललितयशा व साध्वी चैत्यप्रभा ने चातुर्मास की महता पर विचार व्यक्त किए।

 

Shishoda ► Respect Maryada◄ Muni Tatvruchi

मर्यादावान ही महान: मुनि तत्वरुचि

मुनि तत्वरुचि

नाथद्वारा 15 जुलाई तेरापंथ न्यूज ब्योरो कार्यालय संवाददाता

 बढ़ता हुआ भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, अनैतिकता, अप्रामाणिकता, धोखाधड़ी, हिंसा, डकैती आदि समस्याओं का मूल कारण मर्यादाहीनता है। दरअसल मर्यादाओं को लांघने वाला इंसान, इंसान नहीं हैवान होता है। अत: मानव मानवता के नाते मर्यादाओं का सम्मान करे, क्योंकि मर्यादा में रह कर ही इंसान अपनी समस्याओं का समाधान पा सकता है और महान बन सकता है। 

यह विचार मुनि तत्वरुचि ‘तरुण’ ने गुरुवार को शिशोदा गांव के तेरापंथ भवन में धर्मसभा में ‘तेरापंथ मर्यादा पत्र’ का वाचन करते हुए व्यक्त किए। मुनि ने मर्यादा के महत्व को बताते हुए कहा कि मर्यादाहीन व्यक्ति नादान व मर्यादावान महान होता है। उन्होंने बताया कि आचार्य भिक्षु तेरापंथ धर्मसंघ के संविधान निर्माता हैं। 250 वर्ष पूर्व उनके द्वारा बनाई गई मर्यादाएं आज भी प्रासंगिक और उपयोगी हैं। तेरापंथ का मर्यादा पत्र धर्मसंघ की एकता, अखंडता व उसकी प्रगति का मूल आधार स्तंभ है। 

 

Bidasar ►Bodhi Diwas Celebrated In Presence of Sadhvi Suman Shree

साध्वी सुमनश्री के सानिध्य में बोधि दिवस कार्यक्रम समारोहपूर्वक मनाया गया।

साध्वी सुमनश्री

बीदासर. 15 जुलाई तेरापंथ न्यूज ब्योरो कार्यालय संवाददाता

मघवा समवसरण के तेरापंथ भवन में गुरुवार को केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी सुमनश्री के सानिध्य में बोधि दिवस कार्यक्रम समारोहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महामंत्र के मंगलगीत से हुआ।साध्वी सुमनश्री ने कहा कि आचार्य भिक्षु सिद्ध योगी व अलौकिक पुरुष थे। उन्होंने तप-संयम की उत्कृष्ट साधना से अपने आपको शक्ति संपन्न बनाया।

 

Chhapar ► Acharya Bhikshu Was Committed To Truth◄ Muni Sumati Kumar

जीवन को आलौकित करें: मुनि सुमति

छापर 15 जुलाई तेरापंथ न्यूज ब्योरो कार्यालय संवाददाता

भिक्षु साधना केंद्र में गुरुवार को भिक्षु बोधि दिवस मनाया गया।सेवा केंद्र के व्यवस्थापक मुनि सुमति कुमार के सानिध्य में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र से हुआ। इस अवसर मुनि सुमति कुमार ने उपस्थित श्रावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आचार्य भिक्षु ने आज के दिन राजनगर में बोधि प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन और सम्यक चरित्र को प्राप्त कर लिया वह व्यक्ति अंधेरे से प्रकाश को प्राप्त कर लेता है। इसी क्रम में मुनि देवार्य कुमार ने कहा कि आचार्य भिक्षु विलक्षण पुरुष थे। मुनि आदित्य ने आचार्य भिक्षु को सत्य निष्ठ व्यक्तिबताया। कार्यक्रम में श्रीचंद नाहर, रूपचंद दुधोडिय़ा, जसकरण बोथरा, बाबूलाल दुधोडिय़ा, झूमरमल छाजेड़ व बजरंग नाहटा सहित अनेक श्रावक उपस्थित थे। 

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