10.07.2011 ►Surat ►Sadhvi Kunthu Shree In Surat

Posted: 10.07.2011
Updated on: 21.07.2015

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Surat

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Sadhvi Kunthu Shree In Surat

News:

Sadhvi Kunthu Shree entered for chaturmas on 10th July at city light, Surat. She took diksha 42 years ago in Surat from Acharya Tulsi. She belongs to Umalgaon in Hissar District of Hariyana. Sadhvi Kanchanrekha, Sadhvi Sumangla and Sadhvi Sulabhyasha are in her group.

News in Hindi:

साध्वी कुन्थुश्री सुरत में

 


साध्वी कुन्थुश्री,र्ती साध्वी कंचन रेखा जी, साध्वी सुमंगला जी एवं साध्वी सुलभ यशा जी

 

Sunday, 10 Jul 2011(जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो) 

 

पंचाचार की महासाधना का पर्व है चातुर्मास 

 

सुरत १० जुलाई २०११ (जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो) 

 

आचार्य तुलसी से दीक्षा प्राप्त साध्वी कुन्थुश्री ने कहा की चार माह का चातुर्मास विविध आयामी है! पंचाचार कर्म की महासाधना का पर्व है चातुर्मास. इस अवधि में श्रावको को ज्ञानाचार, दर्शनाचार, चरित्रचार, तपाचारएवं वीर्याचार की अलौकिक ज्ञान गंगा के प्रवाह से सरोबोर होने का सुअवसर है!

 

साध्वी ने शनिवार को घुड दौड़ रोड स्थित ठाकोर द्वार सोसाईटी में कही! साध्वी श्री अपनी सहवर्ती साध्विया ठाना आदि ४ के साथ रविवार १० जुलाई को सिटिलाईट तेरापंथ भवन में चातुर्मासिक प्रवेश करेगी!  उन्होंने चातुर्मास के महात्म्य के बारे में बताया की इस दौरान जप, तप, त्याग ध्यान, स्वाध्याय और ज्ञान का झरना प्रवाहित होगा और इससे व्यक्तितत्व विकास के की आयाम श्रावको को मिलेंगे. आचार्य महाश्रमण जी के निर्देश पर इस बार चातुर्मास नशामुक्ति अभियान अभियानमें नैतिक मूल्यों का जागरण एव व्यक्ति व्यक्तित्व विकास पर केद्रित है. चातुर्मास के दोरान अनुकम्पा चेतना का विकास की अलख जगाई जायेगी. ताकि जनजन में करुना का संचार हो सके. विशेष साधना के चातुर्मास पर्व के दोरान अणुव्रत,प्रेक्षाध्यान  एवं जीवन विज्ञान की शिक्षा से सबको शिक्षित किया जाएगा. 

 

४२ वर्ष में ली थी सुरत में दीक्षा 

 

साध्वी श्री कुन्थु श्री ने ४२ वर्ष पूर्व गोपीपुरा स्थित रत्न सागर स्कुल में आचार्य तुलसी के के सानिध्य में दीक्षा ग्रहण की थी. वे मूल हरियाणा में हिसार जिले के उमलागाव की है. उनकी सहवर्ती साध्वी कंचन रेखा जी, साध्वी सुमंगला जी एवं साध्वी सुलभ यशा जी सुरत चातुर्मास में शामिल रहेगी. कुन्थु श्री जी मुख साध्वी बनने के बाद हरियाणा, बिदासर, एवं भुज के बाद चौथा चातुर्मास सुरत में होगा.  साध्वी श्री ने अब तक ३० हजार किमी पद यात्रा कर चुकी है. 

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