29.05.2011 ►Civic Welcome Of Acharya Mahashraman And Welcome By All Religious Sect

Posted: 29.05.2011
Updated on: 02.07.2015

News In English

Location:

Udaipur

Headline:

Civic Welcome Of Acharya Mahashraman And Welcome By All Religious Sect

News:

Ahimsa Yatra reached Udaipur and Acharya Mahashraman came first time in Udaipur after becoming Acharya. People filled with joy. Acharya Mahashramn will stay for three days in Udaipur. Thousands of people joined Ahimsa Rally. Representative of different religion welcomed Acharya Mahashraman. Purpose of Ahimsa Yatra is to awaken consciousness of Non-violence. We can make way of peace for society, nation and world by accepting Non-violence. Public works Minister Pramod Bhaya and local M.L.A. and former Minister Gulabchand Kataira spoke on occasion. Sadhvi Pramukha Kankaprabha, Sadhvi Kankrekha, Muni Jambu Kumar expressed their views.

News in Hindi:

महाश्रमण के स्वागत में उमड़े श्रद्धालु आचार्य महाश्रमण का सर्वधर्म नागरिक अभिनंदन किया गया

Saturday, 28 May 2011 11:36:42 hrs IST

महाप्रज्ञ विहार में आचार्य महाश्रमण का सर्वधर्म नागरिक अभिनंदन किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मो के प्रतिनिघियों ने हिस्सा लिया।

उदयपुर 29 मई 2011 (जैन तेरापंथ समाचार ब्योरो)

गांव-गांव और जन-जन तक अहिंसा का संदेश फैलाने की मुहिम के साथ आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में अहिंसा रैली शुक्रवार को उदयपुर पहंुची। तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य बनने के बाद पहली बार उदयपुर आगमन पर धर्मावलम्बियों में इतना उत्साह था कि हजारों श्रद्धालु स्वागत के लिए शहर की सीमा पर स्थित भुवाणा बाइपास पहंुचे।

 बाइपास से महाप्रज्ञ विहार तक निकली विशाल अहिंसा रैली में आचार्य संघ के साथ कलश धारण किए पीत वस्त्रों में महिलाएं व मोटरसाइकिल सवार युवा शामिल थे। आचार्य तीन दिन के प्रवास पर उदयपुर में हैैं।

महाप्रज्ञ विहार में आचार्य महाश्रमण का सर्वधर्म नागरिक अभिनंदन किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मो के प्रतिनिघियों ने हिस्सा लिया। अभिनंदन के बाद आचार्य ने कहा कि अहिंसा यात्रा का लक्ष्य अनुकंपा व दया की चेतना का विकास करना है। यदि मनुष्य में दया, करूणा और अनुकंपा का विकास होता रहे तो परिवार, समाज और राष्ट्र की सभी समस्याएं और विसंगतियां दूर हो सकती हैं। समाज से विसंगतियां दूर होने पर ही विश्व में शांति स्थापित करने का पथ प्रशस्त होगा।

 कार्यक्रम में सार्वजनिक निर्माण मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि जहां धर्मशक्ति, राजशक्ति, मातृशक्ति और जनशक्ति साथ हो जाती है, वहां अमन और शांति बनी रहती है। आचार्य महाश्रमण की अहिंसा रैली आज के हिंसक दौर में बहुत ज्यादा प्रासंगिक है। उदयपुर शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि आचार्य महाश्रमण का जीवन, गुण व तपस्या सभी के लिए प्रेरणादायी है। प्राय: भक्त भगवान के पास पहुंचते हैं, लेकिन आचार्य  स्वयं अहिंसा यात्रा के माध्यम से अपने भक्तों के पास पहुंच उन्हें सार्थक जीवन जीने की राह दिखा रहे हैं। कार्यक्रम में साध्वी प्रमुखा कनकप्रभा, मुख्य नियोजिका विश्रुत विभा, साध्वी कनकरेखा व मुनि जम्बुकुमार ने भी संबोघित किया।

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