26.05.2011 ►Three Day Workshop For Children In Guidance Of Sadhvi Ramkumari

Posted: 26.05.2011
Updated on: 21.07.2015

News In English

Location:

Churu

Headline:

Three Day Workshop For Children In Guidance Of Sadhvi Ramkumari

News:

Sadhvi Ramkumari guided children in 3 days workshop organised at Kamalkunj, Churu. She told children to remain polite and calm. Qualities make a man great. She discussed communication skill and importance of speaking power. Sadhvi Prajnavati give guidance by small stories. Sadhvi Kirtiprabha guided children to perform Asan. Sadhvi Maynkyasha taught minimum knowledge of Jainism.

News in Hindi:

खेल-खेल में होगा संस्कारों का निर्माण

कमल कुंज में तीन दिवसीय बाल संस्कार शिविर शुरू 

चूरू. कमल कुंज में बाल संस्कार निर्माण शिविर को संबोधित करती साध्वी

चूरू 26मई 2011 (जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो)

रकमल कुंज में शासनश्री साध्वी रामकुमारी के सानिध्य में होने वाले तीन दिवसीय बाल संस्कार निर्माण शिविर का शुभारंभ बुधवार को हुआ। तीन दिवसीय शिविर में खेल, व्याख्यान और कहानियों के जरिए बच्चों में संस्कार निर्माण किया जाएगा।

‘सद्शिक्षा से संस्कार, जीवन का सच्चा शृंगार’ विषयक शिविर के पहले दिन शासनश्री साध्वी ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कार की कमी के चलते ही आज व्यक्ति अवसाद, तनाव और अशांति से त्रस्त है।बच्चों में शुरू से ही संस्कारों का निर्माण किया जाए, तो बड़े होने पर उनको इस प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने अभिवादन, विनम्रता और वाणी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के छोटे छोटे गुण ही व्यक्तित्व विकास में सहायक बनते हैं। साध्वी प्रज्ञावती ने बच्चों को प्रेरक प्रसंगों के जरिए संस्कारवान बनने की प्रेरणा दी। 

उन्होंने बच्चों से कहा कि स्वास्थ्य की दृष्टि से तीन चीज जरूरी होती है, सिर ठंडा, पैर गरम और पेट नरम। इसी प्रकार व्यक्ति के जीवन में भजन, व्यायाम और भोजन का भी नियम होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प भी करवाया। साध्वी कीर्तिप्रभा ने बच्चों को आसन करवाए। साध्वी मयंकयशा ने कंठस्थ ज्ञान करवाया। 

शिविर में प्रशिक्षक का दायित्व शशि कोठारी व रचना कोठारी ने निभाया। तीन दिन चलने वाले शिविर में विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाने के अलावा बच्चों को मुनि-साध्वियों के पास रहने वाले उपकरणों, व्यक्तित्व विकास सहित अन्य उपयोगी जानकारी भी दी जाएगी। शिविर के पहले दिन करीब 50 बच्चों ने हिस्सा लिया। 

साध्वियों का चाड़वास के लिए विहार 

राजलदेसर. फरवरी माह में हुए मर्यादा महोत्सव में भाग लेने आई ८० वर्षीया साध्वी मेणरया ने अपनी सहवर्ती साध्वियों के साथ मंगलवार शाम को चाड़वास के लिए विहार किया।

वृद्ध साध्वी सेवा केंद्र से विहार करने वाली साध्वियां चाड़वास में चार मास तक प्रवास करेंगी। विमल छलाणी, राजकरण बैद, उदयचंद बेगवाणी, भैरूंदान गिडिय़ा, अशोक गिडिय़ा, जितेंद्र घोषल आदि श्रावक-श्राविकाओं ने विहार के समय साध्वियों की अगवानी की। साध्वियां दस्सूसर, जेगणिया, जोगलिया, जैतासर व छापर होते हुए चाड़वास पहुंचेंगी।

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