21.11.2018 ►Surat ►Jeevan Vigyan Diwas Celebrated

Published: 25.11.2018
Updated: 25.11.2018

Surat: 21.11.2018

Anuvrat Jeevan Vigyan Academy celebrated Jeevan Vigyan Day in presence of Sadhvi Sarswati. Sadhvi Mridula Shree told we are celebrating day because Muni Nathmal was given title Mahaprgya by Acharya Tulsi on this day. She told Acharya Mahapragya wrote 300 books that shows his wisdom. Sadhvo Sanveg Shree told that Acharya Mahapragya contributed in field of education through Preksha Meditation and Jeevan Vigyan. Alka Sankhla, Sunita Surana, Pramod Gadia also spoke on occasion. Function was compared by Madhu Derasaria.

आज अणुव्रत जीवन विज्ञान अकादमी के तत्वावधान मे तेरापंथ भवन सीटी लाईट सूरत मे आचार्य महाप्रज्ञ को प्रदत्त 'महाप्रज्ञ' अलंकरण के उपलक्ष्य में 'जीवन विज्ञान दिवस 'के रुप में मनाया गया।कार्यक्रम की शुरुआत तेरापंथ महिला मंडल की बहनोंने ‘जीवन विज्ञान’पर गीतिका प्रस्तुत करके हूई।
महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती सुनिताजी सुराणा ने कहा आज के दिन आचार्य श्री तुलसी ने मुनि नथमल को महाप्रज्ञ अलंकरण से नवाज़ा ।बाद मे यह अलंकरण ही उनका नाम हो गया।
वे योगी पुरुष थे।
अणुव्रत जीवन विज्ञान अकादमी के संयोजक गौतम गादिया ने कहा महप्रज्ञ आज के युग के विवेकानंद थे।उनमें प्रज्ञा का जागरण था।
साध्वी श्री मृदुला श्री ने फरमाया आचार्य महाप्रज्ञजी की अन्तर्दष्टि जागृत थी,उन्होंने ३०० से अधिक पुस्तकें लिखी तथा आगमों का सम्पादन कर पूरे जैन समाज के लिये भागीरथ कार्य किया।
साध्वी श्री संवेग श्री ने कहा महाप्रज्ञजी का व्यक्तित्व पिंपल के पेड़ जैसे पवित्र और बरगद के पेड़ जैसा विशाल था।उन्होंने मानव समाज को अपने कल्याण के लिए और शिक्षा क्षेत्र मे प्रेक्षाध्यान एवं जीवन विज्ञान के अवधान दिये।प्रेक्षाध्यान से शारिरीक,मानसिक व भावानात्मक तनाओं को दूर किया जा सकता है।जीवन विज्ञान शिक्षा में कमी को दूर कर भावानात्मक व आध्यात्मिक विकास करता है।
अणुव्रत जीवन अकादमी की गुजरात की संयोजिका एवं अणव्रत सेवी श्रीमती अल्काजी सांखला ने कहा जीवन विज्ञान कलात्मक जीवन जीनें की कला और संपुर्ण व्यक्तित्व विकास का राजमार्ग है। योग और ध्यान महत्वपूर्ण है ।इसे बैठे-बैठे (ऑफिस हो या व्यापार का क्षेत्र) कैसे कर सकते है इसके प्रयोग और नवकार मंत्र का ध्यान कया।दिर्घश्वास का महत्व बताकर उसे करने की विधि बतायी!सुनिलजी गुप्ता ने कहाँ शरीर और आत्मा भिन्न हैं, ये सुनते थे पर पता नहीं था कैसे? आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के प्रेक्षाध्यान से ये बात स्पष्ट हुई।कार्यक्रम का कुशल संचालन सह मन्त्री मधु देरासरिया ने किया।
कार्यक्रम बहुत ही अच्छा रहा।

Sadhvi Saraswati

Alka Sankhla

Sources
Sushil Bafana
Share this page on:
Page glossary
Some texts contain  footnotes  and  glossary  entries. To distinguish between them, the links have different colors.
  1. Acharya
  2. Acharya Mahapragya
  3. Acharya Tulsi
  4. Anuvrat
  5. Jeevan Vigyan
  6. Jeevan Vigyan Academy
  7. Mahapragya
  8. Meditation
  9. Muni
  10. Muni Nathmal
  11. Preksha
  12. Preksha Meditation
  13. Sadhvi
  14. Sadhvi Mridula Shree
  15. Sadhvi Saraswati
  16. Sadhvi Sarswati
  17. Saraswati
  18. Surat
  19. Sushil Bafana
  20. Tulsi
  21. आचार्य
  22. आचार्य महाप्रज्ञ
  23. आचार्य श्री महाप्रज्ञ
  24. गुजरात
Page statistics
This page has been viewed 230 times.
© 1997-2020 HereNow4U, Version 4
Home
About
Contact us
Disclaimer
Social Networking

Today's Counter: