01.11.2018 ►Bangalore (Vijaynagar) ►Ayambil Tap by Inspiration of Sadhvi Madhusmita

Posted: 03.11.2018

Bangalore (Vijaynagar): 01.11.2018

Sadhvi Madhusmita inspired shravak to perform Ayambil Tap. 151 took cow to do Ayambil Tap. Sadhvi Madhusmita explained importance of Ayambil. Sunita Pincha was welcomed by Terapanth Mahila Mandal. Secretary Mahima Patwari read out her introduction. President Saroj Tantia welcome all.

विजयनगर,1नवम्बर2018,अर्हम भवन।
"तपोयज्ञ आयंबिल अनुष्ठान एवं अभिनन्दन समारोह"
तेरापंथ महिला मंडल विजयनगर के तत्वाधान में तपोयज्ञ आयंबिल अनुष्ठान एवं अभिनन्दन समारोह आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री मधुस्मिता जी ठाणा-६के प्रेरणा से आयोजित किया गया।
आयम्बिल अनुष्ठान में साध्वी श्रीजी ने प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा-आयंबिल तप स्वाद विजय की साधना है।विघ्नों,उपद्रवों और संकटों को अंधकार को नष्ट करने वाली महाज्योति है।साधना,स्वास्थ्य और आहार का गहरा संबंध है।
साध्वीश्रीजी ने बताया कि-चीनी,नमक और चटपटे पदार्थ पाचनतंत्र लीवर एवं उत्सर्जन तंत्र को प्रभावित करते है।इस समस्या का उत्तम समाधान है-आयंबिल तप।आयंबिल से अशुद्धि का रेचन होता है।दूरदर्शन व दूरश्रवण की क्षमता बढ़ती है।अणिमा, गरिमा आदिकाय सिद्धियाँ प्राप्त होती है।रसनेन्द्रिय और काम केंद्र का गहरा संबंध है।कामवासना पर विजय पाने के लिए जिव्हा संयम आवश्यक है।
प्रवचनोपरांत 151 श्रद्धालू भाई बहिनों को एक साथ आयंबिल तप का प्रत्याख्यान कराया।अनुष्ठान के साथ ही तेरापंथ महिला मंडल कार्यसमिति से तपस्विनी बहिन श्रीमती सुनीता राजेंद्र पींचा का अनेक प्रकार की कठोर तपस्या एवं सैकड़ो उपवास कर कर्म निर्जरा की और अग्रसित का सम्मान किया गया।तपस्विनी बहिन का जीवन परिचय तेरापंथ महिला मंडल मंत्री श्रीमती महिमाजी पटावरी ने दिया। तेरापंथ महिला मंडलअध्यक्ष श्रीमती सरोजजी टांटिया ने संभागी श्रावक समाज को साधुवाद दिया एवं अनुष्ठान के प्रेरणास्रोत साध्वीश्री जी के प्रति कृतज्ञता प्रदान की।
अनुष्ठान में सभी संस्था के पदाधिकारी,महिला मंडल उपाध्यक्ष श्रीमती प्रेमबाई भंसाली,मंत्री श्रीमती महिमाजी पटावरी,सहमंत्री श्रीमती उषाजी चिंडालिया सहित कार्यसमिति से श्रीमती अंजू जी सेठिया,श्रीमती राजुबाई बेंगानी,श्रीमती ललिताजी डागा, श्रीमती भारती जी मेहता,एवं श्रीमती दीपुजी मांडोत,श्रीमती मीनाजी गुलगुलिया,श्रीमती लक्ष्मीजी सिंघी का विशेष सहयोग रहा।

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