04.09.2018 ►Mumbai ►Paryushan Festival in Mahapragya Public School

Posted: 07.09.2018
Updated on: 08.09.2018

Mumbai: 04.09.2018

Paryushan is main festival of jain community. Mahapragya Public School invited Sadhvi Anima Shree and Sadhvi Mangal Pragya. Students of school gave their presentation on different topic of Jainism including 24 Teerthankar, Loggas Path, With Mangal Path by Sadhvi Anima Shree function was ended.Mrs Jyoti Ramchandran, Indramal Dhakad, Ganpatlal Dagalia, Sumer Surana were present. Information provided by Nitesh Dhakad.
महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में \\\\\\\'पर्युषण पर्व\\\\\\\' का पावन दिवस ४ सितंबर २०१८ मंगलवार को आचार्य तुलसी सभागृह में मनाया गया ।
\\\\\\\'पर्युषण पर्व\\\\\\\' का पावन दिन महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल के छात्रों ने बहुत ही सुंदर तरह से मनाया । इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में साध्वी अणिमाश्री जी, साध्वी मंगल प्रज्ञा जी एव साध्वी वृंद ने आचार्य तुलसी सभागृह के मंच पर विराजकर उसकी शोभा बढ़ा दी । एव अन्य प्रमुख अतिथि विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ज्योति रामचंद्रन जी, श्री इंद्रमल धाकड़ जी, उपाध्यक्ष श्री गणपतलाल डागलिया जी, विद्यालय के चेयरमैन डॉ एस. के. जैन जी, विद्यालय के जनरल सेक्रेटरी सुमेर सुराना जी ने अपनी उपस्तिथि से छात्र - छात्राओ को अनुग्रहित किया ।
इसी को साथ कार्यक्रम की शुरुआत चमत्कारिक महामंत्र नवकार मंत्रो के साथ हुयी । तप्तश्चात कक्षा - ७ के छात्रों ने इष्टदेव की असीम अनुकम्पा की छत्र छाया में समरोमंत्र भलो नवकार का पवित्र उच्चारण किया । छात्रों और गुरुजन वृंद ने अणुव्रत पाठ किया । इसके पश्चात नन्हें - मुन्हे बच्चों ने भक्ति भाव के साथ २४ तिथिकरो के बारे में सबको जानकारी प्रदान की । पूर्व प्राथमिक छात्रा विहाना ने पावन प्रथनाओ का गायन किया । इसके बाद कक्षा तीसरी एवं कक्षा ४ के छात्रों ने गुरु वंदना एवं स्तुति का पाठ किया । इसके बाद स्तवन, लोगस्स सूत्र,सातलाख स्तोत्र, आरती तथा मंगल दिवो का पाठ किया गया । तप्तश्चात \\\\\\\'पर्युषण पर्व\\\\\\\' एवं स्पनो का गूढ़ अर्थ समझाया । इसके बाद जीवदया के ऊपर कई भाषण दिये। और राष्ट्रिय स्तर पर हुए प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को पुरष्कार प्रदान किया गया । इस के पश्चात वद्यालय की प्रधानाचार्या ज्योति रामचंद्रन, शिक्षकगण एवं कुछ छात्रों ने आयंबिल तप साधना किया और अनंत आनंददायी पुण्य के भागी बने । इस साधना के अंतर्गत पाँच तत्वों का परित्याग किया जाता है । यह शरीर को स्वस्थ बनाने में अत्यंत लाभदायी है । अनन्य तपस्वी साध्वी वृंद की उपस्तिथि से सभी धन्य हो गये । अंततोगत्व: \\\\\\\"मंगल पाठ\\\\\\\' के साथ कार्यक्रम का समाप्त हुआ ।यह जानकारी नितेश धाकड़ ने दी

Sadhvi Anima Shree and group

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