12.01.2018 ►TSS ►Terapanth Sangh Samvad News

Posted: 12.01.2018
Updated on: 14.01.2018

Update

👉 ठाणे - महासभा अध्यक्ष श्री डागलिया की संगठन यात्रा
👉 ऐरोली - महासभा अध्यक्ष श्री डागलिया की संगठन यात्रा
👉 सांताक्रूज, मुम्बई - पेरेंटिंग सेमिनार का आयोजन
👉 विजयनगर, बैंगलोर - तेयुप द्वारा सेवा कार्य
👉 अहमदाबाद - आध्यात्मिक मिलन
👉 मुम्बई - जीवन विज्ञान पश्चिमांचल कार्यकर्ता सम्मेलन
👉 सोलापुर - जैन विद्या परीक्षा का आयोजन

प्रस्तुति -🌻 तेरापंथ *संघ संवाद* 🌻

13 जनवरी का संकल्प

*तिथि:- माध कृष्णा द्वादशी*

शनिवार है आज सपरिवार हों सामायिक में लीन ।
शाम 7 से 8 हो जाएं गुरु इंगित की आराधना में तल्लीन ।।

📝 धर्म संघ की तटस्थ एवं सटीक जानकारी आप तक पहुंचाए
🌻 तेरापंथ *संघ संवाद* 🌻

👉 सरदारशहर: श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के सत्र 2018-2019 के अध्यक्ष तथा मुख्य ट्रस्टी का निर्विरोध निर्वाचन..
प्रस्तुति: 🌻तेरापंथ *संघ संवाद*🌻

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*13/01/18* दक्षिण भारत मे मुनि वृन्द, साध्वी वृन्द का सम्भावित विहार/ प्रवास
दर्शन सेवा का लाभ लें
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती मुनि श्री धर्मरूचि जी ठाणा 4* का प्रवास
*BOPPADAM* *से 12 km का विहार करके* *RAMTHIRTHAM पधारेगे*
VISAKHAPATNAM HIGHWAY PER
☎8890269128,9884901680
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी* *के आज्ञानुवर्ति मुनिश्री सुव्रत कुमार जी ठाणा* 2 का प्रवास *Shree Jain Swetamber Terapanth sabha*
No 5 Thakayattam Bazzar
Near police station *Gudiyattam* Tamilnadu
☎9003789485,9150179971
9488921371
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती मुनि श्री रणजीत कुमार जी ठाणा २* का प्रवास
*Bansilal ji Pitaliya* के निवास स्थान पर
BPL SHOW ROOM
K.R Nager (कर्नाटक)
☎9901135937,9448385582
9886872447,9886872448
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य*
*मुनि श्री ज्ञानेन्द्र कुमार जी ठाणा 3* का प्रवास
*महावीर जैन भवन*
*चिदम्बरम* (तमीलनाडु)
☎8107033307,9043660081
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य डॉ *मुनि श्री अमृत कुमार जी ठाणा २ का प्रवास*
*रमेश जी ऑचलिया के निवास स्थान पर*
*तिन्डीवनम* (तमिलनाडु)
☎9786805285,9566296874
9344656645,
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री प्रशान्त कुमार जी ठाणा २* का प्रवास
*S.N.D.P. Hall*
Opp D. Cinema Hall
Near- Fly Over
*Chalakudy*. (केरला) ☎9672039432,
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या 'शासन श्री' साध्वी श्री विद्यावती जी 'द्वितिय' ठाणा ५* का प्रवास
*तेरापंथ भवन*
*KGF* (कर्नाटक)
☎8890788495
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या "शासन श्री" साध्वी श्री यशोमती जी ठाणा 4* का प्रवास
*Aadhinath Industry Turkolla से 11 km का विहार करके Vigneswara Granite Sesanam पधारेगे*
Bhubaneswar se Visakhapatnam highway
☎7297958479,9025434777
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री काव्यलता जी ठाणा 4* का प्रवास
*North Town Apartment*
Binny Mill Villa No 10
*Chennai*
☎9962649649,9380361000
9841036201
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री प्रज्ञाश्री जी ठाणा 4* का प्रवास
*जैन भवन*
114/48, Big Street (Periya Teru),
*Vadivishwaram,Nagercoil*
(तमिलनाडु)
☎9629840537
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री सुदर्शना श्री जी ठाणा 4* का प्रवास
*तेरापंथ भवन*
*बल्लारी* (कर्नाटक)
☎7230910977,8830043723
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री लब्धि श्री जी ठाणा 3 का प्रवास*
*संदीप जी सुराणा के निवास स्थान पर*
*के आर पुरम्*
*हासन (कर्नाटक)*
☎9601420513,
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*आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री मघुस्मिता जी ठाणा 7* का प्रवास
*तेरापंथ सभा भवन*
*Rajajinagar* *बैगलौर* (कर्नाटक)
☎7798028703,9900252718
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प्रस्तुति:- 🌻 *तेरापंथ संघ संवाद* 🌻

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News in Hindi

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जैनधर्म की श्वेतांबर और दिगंबर परंपरा के आचार्यों का जीवन वृत्त शासन श्री साध्वी श्री संघमित्रा जी की कृति।

📙 *जैन धर्म के प्रभावक आचार्य'* 📙

📝 *श्रंखला -- 235* 📝

*संस्कृत-सरोज-सरोवर आचार्य समन्तभद्र*

*जीवन-वृत्त*

गतांक से आगे...

एक बार आचार्य समन्तभद्र करहाटक पहुंचे। करहाटक उद्भट विद्वानों का प्रमुख केंद्र था। आचार्य समन्तभद्र राजसभा में खड़े होकर बोले "हे राजन्! सर्वप्रथम मैंने पाटलिपुत्र में भेरीवादनपूर्वक शास्त्रार्थ किया। तत्पश्चात् मालव, सिंध, ढक्कप्रदेश, काञ्चीपुर (काञ्चीवरम्) और वैदिश में इसी प्रकार शास्त्रार्थ करता हुआ मैं विद्या केंद्र करहाटक में पहुंचा हूं। शास्त्रार्थ हेतु मैं शार्दूल की तरह परिभ्रमण कर रहा हूं।"

प्रस्तुत उल्लेख में समागत देशों के नामों से स्पष्ट है, पाटलिपुत्र, वाराणसी, उज्जैन, धार, पंजाब और कांजीवरम् (दक्षिणप्रदेश) ये आचार्य समन्तभद्र के प्रमुख 'वाद-क्षेत्र' थे।

आचार्य समन्तभद्र वाद कुशल एवं कमनीय काव्यकार थे। उनकी वाद कुशलता और कवित्व शक्ति की उत्तरवर्ती आचार्यों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। आचार्य वादिराज सूरि ने यशोधरचरित्र में समन्तभद्र को काव्यमणियों का पर्वत कहा है। जिनसेनाचार्य की दृष्टि में आचार्य समन्तभद्र महाकवि 'वेधा' हैं व आचार्य भट्ट अकलङ्क की दृष्टि में कलिकाल में स्याद्वाद-तीर्थ के प्रभावक हैं।

ज्ञानार्णव के रचनाकार आचार्य शुभचंद लिखते हैं

*समन्तभद्रादिकवीन्द्रभास्वतां स्फुरन्ति*
*यत्रामलसूक्तिरश्मयः।*
*व्रजन्ति खद्योतवदेव हास्यतां*
*न तत्र किं ज्ञानलवोद्धता जनाः।1।14।*

जहां कवींद्र सूर्य आचार्य समंतभद्र की सूक्तियां स्फुरित होती हैं वहां ज्ञान कण को प्राप्त करके उद्धत बने व्यक्तियों का वाणी विलास खद्योत की तरह हास्यास्पद जैसा लगता है।

अजित जिनसेनाचार्य ने श्री समन्तभद्र को कवि कुंजर, मुनि वंद्य, वर्धमानसूरि में वरांग चरित में 'महाकवीश्वर' तथा 'सुतर्कशास्त्रामृत सागर' एवं प्रशस्त टीकाकार आचार्य हरिभद्र ने अनेकांत जयपताका में 'वादिमुख्य' विशेषण से विशेषित किया है।

हरिवंश पुराण के रचयिता जिनसेन ने *"वचः समन्तभद्रस्य वीरस्येव विजृंभते"* इस वाक्य में आचार्य समन्तभद्र के वचनों को वीरवाणी के समान आदर प्रदान किया है।

'श्रवणबेलगोला' के शिलालेख संख्यक 105 में आचार्य समन्तभद्र के सूक्ति समूह को वादीरूपी उन्मत्त गजों को वश में करने के लिए वज्रांकुश के समान माना है।

'श्रवणबेलगोला' के शिलालेख संख्यक 108 में समन्तभद्र को जिनशासन का प्रणेता लिखा है।

आचार्य वर्धमान, आचार्य सकलकीर्ति आदि विद्वानों ने भी आचार्य समन्तभद्र की प्रतिभा का लोहा माना है।

आचार्य समन्तभद्र पंडितों के लिए पंडित और दार्शनिकों, योगियों, त्यागियों, तपस्वी संतो तथा वाग्मियों के अग्रणी थे, अतः उन की प्रख्याति स्वामी शब्द से हुई।

आचार्य समन्तभद्र अपने युग के अनुपम रत्न थे।

*आचार्य समन्तभद्र द्वारा रचित साहित्य* के बारे में जानेंगे... हमारी अगली पोस्ट में... क्रमशः...

प्रस्तुति --🌻तेरापंथ *संघ संवाद*🌻
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त्याग, बलिदान, सेवा और समर्पण भाव के उत्तम उदाहरण तेरापंथ धर्मसंघ के श्रावकों का जीवनवृत्त शासन गौरव मुनि श्री बुद्धमलजी की कृति।

📙 *'नींव के पत्थर'* 📙

📝 *श्रंखला -- 59* 📝

*महेशदासजी मूंथा*

*पत्नी को प्रेरणा*

महेशदासजी के तेरापंथी बन जाने के पश्चात् भी उनकी पत्नी काफी समय तक उनका अनुसरण करने से इन्कार करती रही। वे उसे काफी परिश्रम करने के पश्चात् ही समझा पाए। उन्होंने उन पर कभी अपनी भावना लादी नहीं। केवल तत्त्व को समझने की प्रेरणा देते रहे। वे चाहते तो यही थे कि उनकी तरह पत्नी भी सत्-श्रद्धा को ग्रहण करे। परंतु वह जानते थे कि हृदय परिवर्तन से ही किसी को श्रद्धालु बनाया जा सकता है, बलात् नहीं। हृदय परिवर्तन की प्रक्रिया प्रायः काफी लंबी होती है। साधारणतया किसी भी व्यक्ति के लिए इतनी प्रतीक्षा कर पाना सहज नहीं होता। परंतु महेशदासजी ने उतनी प्रतीक्षा की। फलस्वरूप उनकी पत्नी समझी और कालांतर में उतनी ही दृढ़ श्रद्धालु और विराग वृत्ति वाली हो गई जितने कि वे स्वयं थे।

उन्होंने पत्नी को समझाने के लिए जो उपाय काम में लिए थे उनमें एक गीतिका भी है जो कि 'गुरु ओलखावण' की ढाल नाम से प्रसिद्ध है। उसकी कुछ कड़ियां निम्नोक्त हैं—

*'वे गुरु म्हारा थे करल्यो नी थांहरा*
*थांने खोटे मारग घालूं नहीं*
*म्हारी राखो अन्तरंग परतीत*
*लिया व्रत चोखा पालज्यो*
*थे तो जास्यो जमारो जीत*
*आपां नाता आगे अनन्ता करया*
*बले भोगव्या अनन्ती वार भोग*
*पुण्य तणा संयोग थी*
*अबके मिलियो एहवो संजोग'*

उपर्युक्त गीतिका में तेरापंथ की वेशभूषा से लेकर आचार और विचार तक की बातों से अपनी पत्नी को अवगत किया गया है। गीतिका सम्वत् 1877 में बनाई गई थी। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि उनकी पत्नी ने उसके पश्चात् ही किसी समय तेरापंथ को स्वीकार किया था। जबकि महेशदासजी आठ वर्ष पूर्व सम्वत् 1869 में ही तेरापंथी बन गए थे।

*कवि हृदय*

वे एक कवि हृदय व्यक्ति थे। उनकी अनेक गीतिकाओं ने काफी प्रसिद्धि प्राप्त की थी। उनमें से कुछ तो आज भी अनेक व्यक्तियों को मुखस्थ हैं। दिहाड़ो, भेट, भवि शरण ले, वे गुरु म्हारा आदि गीतिकाएं उसी कोटि की हैं। उनकी गीतिकाओं में स्वामीजी के प्रति जहां अगाध श्रद्धा झलकती है वहां तत्त्व की मर्मज्ञता के भी सहज ही दर्शन हो जाते हैं। वे एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने तत्त्व को न केवल समझा ही था किंतु अनेक अन्य लोगों को समझाया और कविता रूप में गुंफित कर जनता के लिए सरसता पूर्वक सहज बोध्य भी बनाया था।

*श्रद्धालु श्रावक मायाचंदजी तलेसरा की सेवावृत्ति के बारे में उनके प्रेरणादायी जीवन-वृत्त* में जानेंगे और प्रेरणा पाएंगे... हमारी अगली पोस्ट में... क्रमशः...

प्रस्तुति --🌻तेरापंथ *संघ संवाद*🌻
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👉 बारडोली - अणुव्रत समिति द्वारा वृद्धा आश्रम में सेवा कार्य
👉 कांदिवली, मुम्बई - निर्माण एक नन्हा सा कदम स्वच्छता की ओर कार्यक्रम
प्रस्तुति - तेरापंथ *संघ संवाद*

अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय तेरापंथ कन्या मंडल का "Mission Ahimsa"

प्रसारक - तेरापंथ संघ संवाद

https://goo.gl/maps/kENSg1neemn

👉 *"अहिंसा यात्रा"* के बढ़ते कदम

👉 पूज्यप्रवर अपनी धवल सेना के साथ विहार करके "रामनगर" पधारेंगे

👉 आज का प्रवास - बाबा रामदेव रुणीचावाले के मंदिर, रामनगर जिला - कटक (ओड़िशा)

प्रस्तुति - तेरापंथ *संघ संवाद*

👉 प्रेक्षा ध्यान के रहस्य - आचार्य महाप्रज्ञ

प्रकाशक - प्रेक्षा फाउंडेसन

📝 धर्म संघ की तटस्थ एवं सटीक जानकारी आप तक पहुंचाए
🌻 तेरापंथ *संघ संवाद* 🌻

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