13.05.2016 ►Acharya Shri VidyaSagar Ji Maharaj ke bhakt ►News

Posted: 13.05.2016
Updated on: 05.01.2017

Update

प्राचीन जैन प्रतिमा @ पुरातत्व स्थल एवं संग्रहालय, आशापुरी ग्राम, भोजपुर के पास, जिला - रायसेन, मध्य प्रदेश । Ancient Jain Image(s) @ Archaeological site and museum, Ashapuri Village, Near Bhojpur, District - Raisen, Madhya Pradesh.

फोटो आभार: मित्र वैभव जी अरोड़ा (vaibhav_arora@yahoo.com) का बहुत धन्यवाद ।
Image Courtesy: Many Thanks to friend Vaibhav Ji Arora

Please like and visit to page https://www.facebook.com/jainglory for such more contents and pics. SHARE.....SHARE.....SHARE...

आशापुरी ग्राम विख्यात क्षेत्र भोजपुर से मात्र ७ किमी की दूरी पर है, भोपाल से ३६ किमी और ओबेदुल्लागंज से ९ किमी की दूरी पर स्थित है । ९ वी से १२ वी शताब्दी तक ये ग्राम विख्यात परमार राजाओ की कर्म स्थली हुआ करता था । ये पूरा क्षेत्र भोजपुर, आशापुरी, सतमसिया, भूतनाथ और भीमबेठका सांस्कृतिक रूप से अत्यन्त समृद्ध हुआ करता था । परमार राजाओ ने पूरे क्षेत्र में सभी धर्मो से सम्बंधित मंदिर, छतरिया आदि बनवाए । कालांतर में नवाबों, सल्तनत कालीन सूबेदारों के आक्रमणों आदि से पीड़ित होकर लोग अन्य इलाको में बस गए और ये मंदिर आक्रमणकारियों द्वारा तोड़ दिए गए ।

Ashapuri village is only 7 KMs from famous Hindu and Jain place Bhojpur. Ashapuri is 36 KMs from Bhopal and 9 KMs from Obedullaganj town of Raisen district in MP.
From 9th to 12th century the village Ashapuri was famous because of Parmar rulers who chosen this region for their spiritual, artistic works. The whole area was rich in heritages built by them or propagated by them like Bhojpur, Ashapuri, Satmasya, Bhootnath and Bheembetka etc. Parmar rulers built many temples in whole region related to every religion/sect of that time. Later, due to attacks of Nawabs and Saltanat commanders, many people lived the region and all these temples were either demolished or harmed by those attackers.

आज भी आशापुरी ग्राम में स्थित ३० - ४० मंदिरों के अवशेष बिखरे पड़े है, पूर्ण रूप से तहस नहस हो चुके है, किन्तु उस गौरवमयी दौर की याद दिलाते है । ये मंदिर एक तालाब /बाँध के किनारे बने हुए थे । पुरातत्व विभाग को वहां से लगभग २००० छोटी बड़ी मूर्तियां, कलाकृतिया आदि प्राप्त हुई है जिनमे से कई हिन्दू धर्म से तो कुछ जैन धर्म से सम्बंधित है । ये सभी मूर्तियां और कलात्मक अवशेष पुरातत्व विभाग द्वारा यही ग्राम में ही एक संग्रहालय बनाकर सुरक्षित रखे गए है । अभी भी मंदिरों के कई अवशेष और पत्थर यहाँ वहां पूरे ग्राम में बिखरे पड़े है जिनको भी सरकार द्वारा सहेज कर कुछ मंदिरों के ढांचों के पुनःनिर्माण के कार्य में उपयोग में लाया जा रहा है ।

Even today, there are ruins or remains of 30 or 40 temples are scattered there, which are ruined completely but make remember us of those glorious days/time. These temples were built near a pond/dam. Archaeological department found 2000 small and big Images/Artifacts from the site. All these remains are belonged to Hindu and Jain religions. All these images and artifacts are kept safe at a museum which is built there locally by government/MP archaeology department. Still, there are many remains, stones of those ancient temples are scattered here and there in the village which are also being arranged now and being utilized in restoration of few temple structures.

यहाँ प्राप्त सभी मूर्तियों मे से सबसे बड़ी मूर्ति ६ या ७ फ़ीट की खड्गासन तीर्थंकर प्रतिमा है, खंडित है । इसके अलावा कई अन्य जैन प्रतिमाएं भी यहाँ संग्रहालय में सुरक्षित रखी गयी है जिनमे से अधिकांश पद्मासन किन्तु खंडित है । तो अगली बार आप जब भी भोजपुर आये, आशापुरी के मंदिर अवशेष और संग्रहालय का भ्रमण अवश्य करे और हमारी धर्म/संस्कृति के प्राचीन गौरव का अनुभव करे ।
----------
फोटो आभार: मित्र वैभव जी अरोड़ा (vaibhav_arora@yahoo.com) का बहुत धन्यवाद ।

Main and big image is of a Jain Tirhankara in standing posture from the images found here. Unfortunatelly, the image is in broken state from hands but face is still attracting and in good state. Other than this image also, there are some Jain images here in the museum of Ashapuri, most of those are in sitting posture and are also in broken state mostly, Unfortunately.

So, please visit site of Ashapuri village, museum of here whenever you come to Bhojpur or paas by Obedullaganj, and feel the ancient glory of our religion and culture.

Thanks and Jai Jinendra,
Team JainGlory
-----------
Image Courtesy: Many Thanks to friend Vaibhav Ji Arora (vaibhav_arora@yahoo.com)

Acharya Shri Pencil Sketch made by Somin Jain -Big thanks him for sharing:))

--- ♫ www.jinvaani.org @ Jainism' e-Storehouse ---

waow... acharya shri aahar today pic:):) pic by Divy Jain:)

पारशिवनी जिला नागपुर (महाराष्ट्र) में आज दिनांक 29 अप्रैल 2016 को मंदिर जी के जीर्णोद्धार हेतु खुदाई के दौरान भूतल से प्राचीन प्रतिमा प्राप्त होने से जैन समाज में हर्ष.. -PIC BY गौरव उमाठे

पारशिवनी जिला नागपुर (महाराष्ट्र) में आज दिनांक 29 अप्रैल 2016 को मंदिर जी के जीर्णोद्धार हेतु खुदाई के दौरान भूतल से प्राचीन प्रतिमा प्राप्त होने से जैन समाज में हर्ष.. -PIC BY गौरव उमाठे

Acharya Shri Visdhudha Sagar Ji today click:))

ऐसा बनेगा कुण्डलपुर के बड़े बाबा का मंदिर 🙏🏾

मित्रो जैन समाज की IRS सारिका जैन प्रथम महिला जैन ऑफिसर मुम्बई में आयकर कमिशनर नियुक्त होने पर उनको व उनके माता पिता व जैन समाज को बहुत बहुत बधाई व उनको जैन समाज की शान बढ़ाने के लिए बहुत बहुत शुभकामनये

Waow.. start bhi ho gaya

22nd Tirthakara NEMINATHA 1200 years old jain cave temple Tirumalai, Tamil nadu, Thanks- Thomas Alexander

आचार्य श्री विद्यासागर जी मुनिराज को आहार के वक्त यह बालक पड़गाहन कर रहा है

please note: itna chota balak Muni ko aahar nahi de sakte (8 varsh se kam aahar nahi de sakte)

■ वर्ष 1999, नेमावर की पावन धरा पर आज ही के दिन पूज्य आचार्य गुरूवर श्री विद्यासागर जी महाराज द्वारा 23 दीक्षार्थियों को मुनि दीक्षा प्रदान की गई थी, जिन्हें पूज्य मुनिश्री बृषभ सागर जी से लेकर पार्श्वसागर जी के नाम से जाना जाता है ।

■ पूज्य मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज मंच पर विराजमान ही नही हुए बही पूज्य मुनिश्री चन्द्रप्रभ सागर जी महाराज मंच पर बेठे किन्तु एक बार भी अपनी नज़रे तक ऊपर नही की, न ही कुछ उदबोधन ही दिया ।

Update

दर्शन करते हैं अतिशय छेत्र सलेदा जी के अतिशयकारी आदिनाथ जी के..कोटि कोटि नमन...

जिन्होंने यहाँ के दर्शन किए हैं और जिन लोगों की दर्शन की इच्छा है, comment में लिखा कर बताये...जय गोमम्टेश्वर, जय बाहुबली भगवान...

Exclusive:)) मैं रूठा, तुम भी रूठ गए
फिर मनाएगा कौन?
आज दरार है, कल खाई होगी
फिर भरेगा कौन?
मैं चुप, तुम भी चुप
इस चुप्पी को फिर तोड़ेगा कौन?
बात छोटी को लगा लोगे दिल से,
तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन?
दु:खी मैं भी और तुम भी बिछड़कर,
सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन?
न मैं राजी, न तुम राजी,
फिर माफ़ करने का बड़प्पन दिखाएगा कौन?
डूब जाएगा यादों में दिल कभी,
तो फिर धैर्य बंधायेगा कौन?
एक अहम् मेरे, एक तेरे भीतर भी,
इस अहम् को फिर हराएगा कौन?
ज़िंदगी किसको मिली है सदा के लिए?
फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन?
मूंद ली दोनों में से गर किसी दिन एक ने आँखें....
तो कल इस बात पर फिर
पछतायेगा कौन?

:~ मुनि श्री १०८ क्षमासागर जी
जय जिनेन्द्र...!!

Wonderful Image.. read yourself and be witnesses to your acts:)

waow

News in Hindi

Exclusive -आज संत शिरोमणी आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के 23 शिष्यों का दीक्षा दिवस है।आचार्यश्री ने दीक्षित साधुओ के नाम २३ तीर्थंकरो के नाम पर रखे थे..

1. मुनिश्री ऋषभसागरजी
2.मुनिश्री अजितसागरजी
3.मुनिश्री संभवसागरजी
4.मुनिश्री अभिनंदनसागर जी
5. मुनिश्री सुमतिसागर जी*
6.मुनिश्री पदमसागर जी
7.मुनिश्री सुपार्श्वसागरजी
8.मुनिश्री चंद्रप्रभसागर जी
9.मुनिश्री पुष्पदंतसागर जी
10.मुनिश्री शीतलसागर जी
11.मुनिश्री श्रेयाँससागर जी
12.मुनिश्री पूज्यसागर जी
13.मुनिश्री विमलसागर जी
14.मुनिश्री अनंतसागर जी
15. मुनिश्री धर्मसागर जी
16.मुनिश्री शान्तिसागर जी*
17. मुनिश्री कुन्थुसागर जी
18.मुनिश्री अरहसागर जी
19.मुनिश्री मल्लिसागर जी
20.मुनिश्री सुव्रतसागर जी
21.मुनिश्री नमिसागर जी
22.मुनिश्री नेमीसागर जी
23. मुनिश्री पार्श्वसागर जी

सभी मुनिराजों को बारंबार 🙏🏻नमोस्तु

Almost live exclusive kundalpur before 3hr

निमित्त बनता नहीं बनाया जाता है। सिद्धों को असंख्यात गुणी निर्जरा का निमित्त बना सकते हैं।

Share this page on: